Skip to content

टिप्पणी के बिना कोई ब्लॉग कैसे लिखे (Hasya Vyangya)

अक्टूबर 15, 2009

आपने जो अनुभव किया वो कह दिया
मैंने जो अनुभव किया वो कह दिया

 

एक तराजू में सबको हम तोल सकते नहीं
टिप्पणी के बदले टिप्पणी मोल सकते नहीं

खुश वो हैं जिन्होंने इसे टाइम पास लिया
घर दफ्तर समाज को मगर ख़ास लिया

तकलीफ में आज वो सिर्फ बिचारे हैं
जो फुलटाइम हिंदी ब्लॉग के सहारे हैं

जब तब अपनी खीज उतारते हैं
न चाहते हुए भी टिप्पणी मारते हैं

ऐसे ब्लॉग-सेवकों से वे गृहणियां आगे हैं
चूल्हा-चौके के साथ लोकप्रियता में भागे हैं

ब्लॉग पर इनकी लेखनी का मैं भी कायल हूँ
दर्द तो बयाँ नहीं कर पाता पर मैं घायल हूँ

छोटी छोटी कविताओं में शब्द सुन्दर पिरोती हैं
भावो के गर्म चासनी में अहसासों को डुबोती हैं

इन्हें नहीं परवाह नोबेल पुरस्कार किसे मिलती है
कोई हाय तौबा नहीं अमन चैन की बात करती हैं

क्यों न करे हम वाह वाह जब टिप्पणी सस्ती है
देखते नहीं किस तरह अपनी रचना झूम के पढ़ती हैं

आप क्यों दुखी हो भैया ये तो सदियों से चलता रहा हैं
श्रींगार रस के आगे वीर रस सदैव पानी भरता रहा है

अब अपने मुद्दे की बात कहता हूँ —

ब्लॉग लिखना सिर्फ शौक नहीं हसरतें हैं
गिनती के चार ही पाठक मेरी जरूरते हैं

एक टिप्पणी मात्र से मेरा दिल बहल जायेगा
काम का सारा बोझ वाह वाह में खो जायेगा

सतरंगी खुश है की वो कोई कलम तोड़ लेखक नहीं
हिंदी का छोटा पुजारी मगर बेरोजगार बैठक नहीं

दुखी मैं भी बहुत होता हूँ हिंदी सेवकों की दुर्दशा देखकर
बात ब्लोगर की नहीं, जो चलाते हैं घर अखबार बेचकर

त्याग दूँ ब्लोगरी,  न करूँ टिप्पणी ऐसा मन करता है
मगर व्यंग्य-ग़ज़ल के दो छंद बिना पेट कहाँ भरता है

ये है ब्लोगिस्तान, यहाँ देखो सपने सुनहरे मंजिल की
उसूल मेरा एक याद रखना “सुनो सबकी कहो दिल की” ||

शुभ दीपावली – जय हिंद !!

Advertisements
8 टिप्पणियाँ leave one →
  1. dr t s daral permalink
    अक्टूबर 15, 2009 9:51 पूर्वाह्न

    कविता का भाव अच्छा है. प्रस्तुति अच्छी है.
    बढ़िया मनोरंजक, साथ ही सार्थक रचना.

  2. संगीता पुरी permalink
    अक्टूबर 15, 2009 9:52 पूर्वाह्न

    बहुत बढिया लिखा है .. शुभ दीपावली .. जय हिन्‍द !!

  3. अक्टूबर 15, 2009 11:13 पूर्वाह्न

    सही है-शुभ दीपावली – जय हिंद !!

  4. अक्टूबर 18, 2009 5:18 अपराह्न

    nice

  5. अक्टूबर 19, 2009 5:10 पूर्वाह्न

    बहुत खूब भाई, सच, सच और सच के सिवा कुछ नहीं ……………..

    हार्दिक बधाई.

    दीपावली और भैया-दूज के इस पावन पर्व पर आपको और आपके परिवार को हम सब की अनन्त हार्दिक शुभकामनाएं……………

    चन्द्र मोहन गुप्त
    जयपुर
    http://www.cmgupta.blogspot.com

  6. नवम्बर 8, 2009 2:24 पूर्वाह्न

    sundar abhivyakti,achchha vyangy, pasand aaya.

    mene kuchh is tarah socha tha…

    TUESDAY 5 AUGUST 2008
    Blogging /Aatm-manthan
    “आत्म-मन्थन”

    “उधार का ख़्याल”* है?
    नगद तेरा हिसाब कर्।

    भले हो बात बे-तुकी,
    छपा दे तू ब्लाग पर्।

    समझ न पाए गर कोई,
    सवाल कर,जवाब भर्।

    न तर्क कर वितर्क कर,
    जो लिख दिया किताब कर्।

    न मिल सके क्मेन्टस तो,
    तू खुद से दस्तयाब* कर्।

    तू छप के क्युं छुपा रहे,
    न ‘हाशमी’ हिजाब* कर्।

    *borrowed thoughts, * parda
    -मन्सूरअली हाशमी

    blogging par kuchh aur….mulahiza farmae:-

    http://mansooralihashmi.blogspot.com/search/label/blogging

  7. नवम्बर 8, 2009 9:02 पूर्वाह्न

    टिपण्णी के बिना कोई ब्लॉग कैसे लिखे
    कमाई के बिना कोई घर कैसे चले

  8. Sulabh permalink*
    नवम्बर 10, 2009 10:33 पूर्वाह्न

    @mansoor ali hashmi

    Aap bhi kamaal ka Hisaab karte hain (likhte hain)

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

%d bloggers like this: